एक साल के नोटिस के बाद हो स्कूलों में फीस बढ़ोत्तरी | Desh Ka Sach देश का सच

एक साल के नोटिस के बाद हो स्कूलों में फीस बढ़ोत्तरी

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निजी स्कूलों को हिदायत दी जाए कि अपनी फीस बढ़ाने से कम से कम एक साल पहले वो अभिभावकों को इस बात की सूचना दें। इससे अभिभावकों को पैसों का इंतजाम करने में आसानी होगी। साथ ही वो ये भी तय कर पाएंगे कि वो अपने बच्चे को उसी स्कूल में भेजें या फिर दूसरा विकल्प तलाशें।

फिलहाल स्कूल अभिभावकों को कुछ भी सोचने समझने का वक्त नहीं देते। फीस अचानक बढ़ाई जाती है और अभिभावकों के पास तय समय पर बढ़ी फीस जमा कराने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। और फीस जमा करने के बाद बच्चे का स्कूल बदलने का विकल्प भी खत्म हो जाता है।

अभिभावक अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा के उम्मीद में प्राइवेट स्कूलों में भेजते हैं। कुछ स्कूलों की फीस काफी ज्यादा होती है। लेकिन माता-पिता कड़ी मेहनत कर इसका भी इंतज़ाम करते हैं ताकि बच्चों का भविष्य बेहतर हो सके। हालांकि अगर शिक्षा का स्तर उम्मीद के मुताबिक ना हो या स्कूल फीस में मनमानी बढ़ोत्तरी कर दे तो भी अभिभावकों के पास कोई रास्ता नहीं बचता।

अगर स्कूल अभिभावकों को ये बताएं कि अगले सत्र से वो फीस बढ़ाने जा रहे हैं तो शायद अभिभावकों को ये तय करने में आसानी होगी कि वो अपने बच्चे का दाखिला उसी स्कूल में कराएं या नहीं।

स्कूलों के लिए इस नियम को राष्ट्रीय स्तर पर उसी तरह से लागू किया जा सकता है जैसे शिक्षा के अधिकार कानून (Right to Education Act)को लागू किया जा रहा है।.

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