ऑनलाइन सरकारी सेवाओं के लिए सरकारी दफ्तरों में जाने की ज़रूरत ना हो | Desh Ka Sach देश का सच

ऑनलाइन सरकारी सेवाओं के लिए सरकारी दफ्तरों में जाने की ज़रूरत ना हो

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 सभी जरूरी चीजें ऑनलाइन सब्मिट करने के बाद भी यदि प्रक्रिया का यह तकाजा है कि ऑनलाइन आवेदक को संबंधित सरकारी विभाग में जाना होगा, तो हम भ्रष्टाचार के दरवाजे खोल रहे हैं.

मेरा अपना उदाहरण लीजिए, मैंने 21 जुलाई 2018 को अपने ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया. उसके बाद मुझे वाशी में आरटीओ ऑफिस जाने और अपने दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया गया. मैंने ऐसा किया, हालांकि ये पूरी प्रक्रिया निरर्थक थी.

तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मुझे ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिला है. इस बीच मैं वाशी आरटीओ ऑफिस तीन बार जा चुका हूं. काम की स्थिति से सभी इतने अनभिज्ञ हैं कि कोई नहीं जानता या कोई मुझे नहीं बताता कि इसके बावजूद लाइसेंस क्यों नहीं जारी किया गया, जबकि सभी दस्तावेज ऑनलाइन और भौतिक रूप में जमा किए जा चुके हैं. क्या इसका अर्थ है कि काम जल्दी कराने के लिए मुझे पैसे देने होंगे? तो फिर ऑनलाइन सर्विस का क्या फायदा है?

 महाराष्ट्र सरकार द्वारा इन अनिवार्य ऑनलाइन सेवाओं का स्वागत है, क्योंकि ये हमारे जीवन को आसान बनाने के लिए हैं. हालांकि, ऑनलाइन दस्तावेजों को अपलोड करने और शुल्क का भुगतान करने के बावजूद, संबंधित कार्यालयों में दस्तावेजों के साथ जाना जरूरी है. इससे सेवाओं की ऑनलाइन डिलीवरी का मुख्य उद्देश्य खत्म हो जाता है. ऑनलाइन सर्विस की शुरुआत समय बचाने और भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए हुई थी.

मैं चाहता हूं कि महाराष्ट्र सरकार इस पर ध्यान दे और सख्त समयसीमा लागू करे और व्यक्तिगत रूप से कार्यालय जाने की जरा सी भी आवश्यकता न हो. आइए असली डिजिटल इंडिया की दिशा में आगे बढ़ें, जहां सबकुछ इतना सरल हो कि ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण वास्तव में एक क्लिक पर हो जाए.    

आप इस याचिका पर हस्ताक्षर करके मेरी मदद कर सकते हैं.

कृपया ऑनलाइन प्रक्रियाओं के लिए सख्त प्रोटोकॉल की स्थापना हेतु महाराष्ट्र सरकार के प्रति मेरी याचिका को साइन कीजिए, ताकि सरकारी कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से जाने की जरूरत को खत्म किया जा सके. 

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